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कोई समझता नहीं है 

आज कल मुझे अपना पता नहीं है

भीड़ बहुत है पर कोई अपना नहीं है

रुकता हूं सुनता हूं समझता हूं सब कुछ

समझाऊं किसे कोई समझता नहीं है 

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