Local kalakar

फिर से मोहब्बत

अब खुद पर थोड़ी रहमत करते है

चलो फिर से हम मोहब्बत करते है

जो हुआ है वो ना बदलेंगे हम

जो होना है उसे तो मुकम्मल करते है

चलो फिर से हम मोहब्बत करते है

वो जो शख्स तुम्हे याद है उसे भूल जाते है

थोड़ा मुश्किल है लेकिन इतना तो कर जाते है

नाराज़गी जो खुद से है उसे ख़तम करते है

अब और ना हम खुद पर सितम करते है

चलो फिर से हम मोहब्बत करते है

Next Post

Previous Post

Leave a Reply

© 2026 Local kalakar

Theme by K Techno